अति आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता देकर बनाएं क्षेत्र विकास की कार्ययोजना : कलेक्टर अबिनाश मिश्रा
पंचायत की आय, स्थानीय रोजगार और ग्रामीण सुविधाओं से जुड़े कार्यों पर विशेष जोर
धमतरी, 7 अक्टूबर 2026। जिला पंचायत सभाकक्ष में कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा की अध्यक्षता में वीबी-जी रामजी योजना के अंतर्गत निर्माण कार्यों की समीक्षा एवं कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें क्षेत्रवार कार्यों के चयन, प्राथमिकता निर्धारण और आगामी विकास कार्ययोजना तैयार करने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के तहत केवल निर्माण कार्य कराने के उद्देश्य से कार्यों का चयन न किया जाए, बल्कि क्षेत्र की वास्तविक जरूरत और ग्रामीणों को मिलने वाले प्रत्यक्ष लाभ को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने स्थानीय संसाधन, रोजगार की संभावनाएं, ग्रामीण सुविधाएं और पंचायत की आय बढ़ाने की क्षमता को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना तैयार करने कहा।
कलेक्टर ने छात्रावासों में शौचालय, खेल मैदान, प्रयोगशाला और लाइब्रेरी जैसी आवश्यक सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इसी तरह अस्पताल, पीडीएस दुकान, आंगनबाड़ी भवन, पशु चिकित्सालय तथा जर्जर पंचायत एवं पटवारी कार्यालयों की मरम्मत अथवा नए भवन निर्माण के लिए तकनीकी परीक्षण के बाद प्रस्ताव तैयार करने कहा।
पंचायत की आय बढ़ाने वाले कार्यों पर जोर
कलेक्टर ने पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ग्रामीण बाजार, व्यवसायिक परिसर, चौपाटी, तालाब और पर्यटन आधारित सुविधाओं जैसे आयवर्धक कार्यों को प्राथमिकता देने कहा। उन्होंने कहा कि ऐसी परिसंपत्तियां विकसित की जाएं, जिनसे स्थानीय लोगों को रोजगार और व्यवसाय के अवसर मिलें तथा पंचायत को नियमित आय का स्रोत प्राप्त हो।
उन्होंने सहकारी समितियों, हथकरघा, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों से जुड़ी गतिविधियों के लिए आवश्यक अधोसंरचना विकसित करने पर भी जोर दिया।
युवाओं, पर्यटन और मूलभूत सुविधाओं पर भी फोकस
कलेक्टर ने मिनी स्टेडियम, खेल मैदान और आर्मी ट्रेनिंग जैसी गतिविधियों वाले गांवों में युवाओं के लिए प्रशिक्षण एवं खेल सुविधाओं के विस्तार के निर्देश दिए। बड़े गांवों में आईटीआई, पॉलीटेक्निक एवं तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों के लिए लाइब्रेरी और अध्ययन केंद्र जैसी सुविधाएं विकसित करने कहा।
उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार स्ट्रीट लाइट लगाने तथा रूरल पार्क को केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित न रखकर मनोरंजन, आजीविका और पर्यटन से जोड़ने के निर्देश दिए। पर्यटन स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं के साथ स्थानीय उत्पादों की बिक्री और रोजगार के अवसर विकसित करने पर भी जोर दिया।
कलेक्टर ने सुरक्षित एवं पर्याप्त पेयजल को प्राथमिकता बताते हुए पेयजल अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, रखरखाव और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विस्तार पर ध्यान देने कहा।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक कार्य का चयन स्थल निरीक्षण, वास्तविक आवश्यकता और उपलब्ध परिसंपत्तियों के आकलन के बाद किया जाए। कार्यों में दोहराव से बचते हुए अन्य विभागीय योजनाओं के साथ अभिसरण कर संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता आधारित अधोसंरचना, स्थानीय रोजगार, पंचायत की आय, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और ग्रामीण सुविधाओं को जोड़कर समग्र कार्ययोजना तैयार करना ही योजना का उद्देश्य होना चाहिए।
कार्यशाला में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जयंत नाहटा, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन अभियंता श्री राठौर, एपीओ श्री धर्म सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं पंचायतों के तकनीकी सहायक उपस्थित रहे।

