डोंगरडुला स्कूल में आयोजित हुआ जागरूकता कार्यक्रम, पशु काटने पर तत्काल उपचार की दी जानकारी
रेबीज से बचाव के लिए विद्यार्थियों को किया जागरूक
डॉ. नागेश ने बताया कि रेबीज एक गंभीर बीमारी है, जो संक्रमित पशु के काटने अथवा खरोंच लगने से फैल सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि कुत्ते या किसी संदिग्ध संक्रमित पशु के काटने अथवा खरोंच लगने पर घाव को तत्काल साबुन और बहते पानी से कम से कम 15 मिनट तक अच्छी तरह धोना चाहिए। इसके बाद बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर चिकित्सकीय परामर्श एवं आवश्यक टीकाकरण कराना जरूरी है।
उन्होंने विद्यार्थियों को पालतू कुत्तों का समय पर टीकाकरण कराने तथा पशुओं के साथ सावधानीपूर्वक व्यवहार करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही पशु के काटने या खरोंच की घटना को नजरअंदाज न करने की समझाइश दी गई।
विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे रेबीज से बचाव संबंधी जानकारी अपने परिवार और आसपास के लोगों तक भी पहुंचाएं, ताकि समय पर सावधानी और उपचार के माध्यम से बीमारी के जोखिम को कम किया जा सके।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य महेश्वर सिंह जयसिंघु, व्याख्याता एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में रेबीज के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ प्राथमिक उपचार, टीकाकरण तथा पशुओं के साथ सुरक्षित व्यवहार के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना रहा।

