डीएलएड प्रशिक्षुओं के शाला अनुभव का आकस्मिक निरीक्षण, शिक्षण कौशल और शैक्षणिक गुणवत्ता का लिया जायजा
नगरी। डाइट नगरी के द्वितीय वर्ष के डीएलएड छात्राध्यापकों के 40 दिवसीय शाला अनुभव कार्यक्रम के तहत अकादमिक मॉनिटरिंग के लिए विकासखंड नगरी के विभिन्न शासकीय विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। डाइट के वरिष्ठ संकाय सदस्य डी.के. साहू एवं व्याख्याता प्रकाश सिंह ने शासकीय प्राथमिक शाला छिपली, गोरेगांव, बोड़रा तथा मिडिल स्कूल गोरेगांव पहुंचकर प्रशिक्षु छात्राध्यापकों के कार्यों का अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान प्रशिक्षु छात्राध्यापकों के शिक्षण कौशल, कक्षा अनुशासन, कार्यकुशलता, नियमित उपस्थिति एवं समय की पाबंदी सहित दैनिक पाठ योजना, शिक्षण विधियों एवं गतिविधियों, टीएलएम के उपयोग, कक्षा प्रबंधन, विद्यार्थियों के साथ संवाद तथा पर्यवेक्षण डायरी से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की जानकारी ली गई।
प्राथमिक विद्यालयों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान की स्थिति जानने के लिए विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया गया। प्राथमिक शाला छिपली की कक्षा तीसरी के तीन विद्यार्थियों से पठन एवं गणित से संबंधित सवाल पूछे गए। इसी तरह बोड़रा प्राथमिक शाला में कुणाल कश्यप सहित अन्य विद्यार्थियों से भी सवाल किए गए। विद्यार्थियों ने गणित के सवालों को हल करने के साथ पठन कौशल का संतोषजनक प्रदर्शन किया। इससे बच्चों में विषय की समझ और बुनियादी शैक्षणिक दक्षता का स्तर संतोषजनक पाया गया।
निरीक्षण के दौरान सभी विद्यालयों के प्रधान पाठक एवं शिक्षक कक्षा शिक्षण में संलग्न पाए गए। विद्यालय परिसर की स्वच्छता, मूलभूत सुविधाएं, मध्यान्ह भोजन, शैक्षणिक संसाधनों की उपलब्धता तथा शिक्षकों की नियमित उपस्थिति भी संतोषप्रद पाई गई।
निरीक्षण के दौरान सोनिया साहू, दुलेश्वरी चन्द्रवंशी, पद्मावती ध्रुव, अल्का नाग, हेम प्रभा साहू, डिलेश्वरी साहू, राकेश कुमार कोसरिया, चंद्रप्रभा साहू, गीतांजलि मेश्राम सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।

