साइबर जागृति चौपाल से गांव-गांव पहुंचा साइबर सुरक्षा का संदेश
धमतरी पुलिस के सघन अभियान में करीब 61 हजार लोगों को किया गया जागरूक, 7 हजार कार्यक्रमों का आयोजन
उत्तम साहूधमतरी, 2 अक्टूबर। ऑनलाइन ठगी से बचाव और नए आपराधिक कानूनों के प्रति आम नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से धमतरी पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक विशेष साइबर जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय के निर्देशन में संचालित इस अभियान के तहत जिलेभर में करीब 7 हजार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लगभग 61 हजार नागरिकों को साइबर सुरक्षा एवं कानूनों की जानकारी दी गई।
अभियान के समापन अवसर पर 2 अक्टूबर को जिले के सभी थाना एवं चौकी क्षेत्रों में विशेष ‘साइबर जागृति चौपाल’ और ‘जन चौपाल’ आयोजित की गई। थाना प्रभारियों एवं पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों ने ग्राम पंचायतों, हाट-बाजारों, पंचायत भवनों और सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर ग्रामीणों से सीधे संवाद किया।
ऑनलाइन ठगी से बचाव के बताए उपाय
चौपाल में ग्रामीणों को अज्ञात लिंक पर क्लिक नहीं करने, अनजान कॉल पर बैंक संबंधी जानकारी और ओटीपी साझा नहीं करने तथा सोशल मीडिया का सावधानीपूर्वक उपयोग करने की समझाइश दी गई। लॉटरी, इनाम और अन्य प्रलोभनों के नाम पर होने वाली ऑनलाइन ठगी से बचने के व्यावहारिक उपाय भी बताए गए।
पुलिस ने साइबर ठगी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करने तथा cybercrime.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी।
नए आपराधिक कानूनों की भी दी जानकारी
चौपाल के दौरान ग्रामीणों को देश में लागू भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के प्रमुख प्रावधानों, नागरिकों के अधिकारों और कानूनी प्रक्रियाओं की सरल भाषा में जानकारी दी गई।
कोतवाली, अर्जुनी, कुरूद, भखारा, मगरलोड, बिरेझर, करेली बड़ी, केरेगांव, अकलाडोंगरी, नगरी, सिहावा, दुगली, मेचका, बोराई और खल्लारी सहित जिले के सभी थाना एवं चौकी क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में नागरिकों ने सहभागिता की। विशेष रूप से सिहावा, मगरलोड, बोराई, करेली बड़ी, कुरूद और दुगली क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रमों में करीब 2,800 नागरिक शामिल हुए। अभियान का उद्देश्य ग्रामीणों को साइबर अपराधों से सतर्क करने के साथ उन्हें नए कानूनों और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक एवं सशक्त बनाना रहा।

