हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद छह साल से लंबित भूमि आवंटन, अब गंगरेल बांध में जल सत्याग्रह
12 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन की घोषणा, डूब प्रभावित समिति ने प्रशासन को दी लिखित सूचना
धमतरी। गंगरेल बांध डूब प्रभावितों की वर्षों पुरानी भूमि आवंटन और अधिकारों की मांग एक बार फिर आंदोलन की राह पर पहुंच गई है। उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद करीब छह वर्षों से लंबित मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से नाराज डूब प्रभावितों ने अब जल सत्याग्रह और अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने का निर्णय लिया है।
गंगरेल बांध डूब प्रभावित जन कल्याण समिति ने सोमवार, 5 अक्टूबर को अनुविभागीय अधिकारी, धमतरी को लिखित सूचना देकर आगामी आंदोलन की जानकारी दी। समिति के अनुसार 12 अक्टूबर 2026 से मां अंगारमोती परिसर के पीछे गंगरेल बांध में जल सत्याग्रह के साथ अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
2020 में हाईकोर्ट ने दिया था आदेश
समिति ने बताया कि डूब प्रभावितों की भूमि आवंटन एवं अधिकारों से जुड़े मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने WPC No. 5575/2008 एवं WPC No. 3055/2016 में 16 दिसंबर 2020 को आदेश पारित किया था। आदेश के तहत पात्र डूब प्रभावितों के संबंध में आवश्यक जांच शुरू कर नियमानुसार भूमि आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी थी।
डूब प्रभावितों का कहना है कि न्यायालय के आदेश को करीब छह वर्ष बीतने के बावजूद भूमि आवंटन की प्रक्रिया अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ी। उनका आरोप है कि शासन और जिला प्रशासन के समक्ष लगातार आवेदन एवं निवेदन किए जाने के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
“अब आश्वासन नहीं, जमीन पर कार्रवाई चाहिए”
समिति का कहना है कि लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए इंतजार कर रहे प्रभावित परिवार अब केवल आश्वासन से संतुष्ट नहीं होंगे। उनकी प्रमुख मांग पात्र डूब प्रभावितों को भूमि आवंटित करने के साथ हाईकोर्ट के आदेश का प्रभावी पालन सुनिश्चित करना है।
समिति ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा। मांगों के निराकरण की दिशा में ठोस कार्रवाई शुरू होने तक जल सत्याग्रह और अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने की बात कही गई है।
समिति ने जिला प्रशासन से अपील की है कि 12 अक्टूबर से प्रस्तावित आंदोलन से पहले ही हाईकोर्ट के आदेश के अनुरूप लंबित भूमि आवंटन प्रक्रिया पर ठोस निर्णय लिया जाए, ताकि डूब प्रभावितों को वर्षों पुराने अधिकार के लिए आंदोलन करने की स्थिति निर्मित न हो।
जारीकर्ता : हरिशंकर मरकाम, कार्यकारी अध्यक्ष, गंगरेल बांध डूब प्रभावित जन कल्याण समिति, धमतरी।


