PESA ग्राम सभाओं के प्रस्तावों पर कार्रवाई की मांग, देव समितियों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
नगरी,धमतरी। बारहपाली मेचका एवं बारहपाली रिसगांव क्षेत्र की संयुक्त ग्राम सभाओं और देव समितियों के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को कलेक्टर अबिनाश मिश्रा से मुलाकात कर क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं एवं विकास कार्यों को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने PESA कानून के प्रावधानों के अनुरूप ग्राम सभाओं द्वारा पारित प्रस्तावों पर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की।
ज्ञापन में ग्राम मादागिरी स्थित गौतम ऋषि आश्रम और ग्राम मेचका स्थित मुचकुंद ऋषि आश्रम को अलग-अलग प्राचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के रूप में शासकीय अभिलेखों, पर्यटन वेबसाइट और सूचना बोर्ड में दर्ज करने की मांग की गई। साथ ही दोनों स्थलों के लिए पृथक बजट से विकास कार्य कराने का आग्रह किया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने उपस्वास्थ्य केंद्र बेलरबाहरा में RHO एवं ANM की नियुक्ति, नवीन ग्राम पंचायत भवन निर्माण तथा क्षेत्र के स्कूलों में अहाता निर्माण की मांग भी रखी। प्राथमिक शाला ठेंही में छह माह और प्राथमिक शाला अरसीकन्हार में तीन माह से प्रधान पाठक का पद रिक्त होने की जानकारी देते हुए शीघ्र नियुक्ति की मांग की गई।
क्षेत्र में दौड़ नाला रपटा पुनरुद्धार के लिए 49 लाख रुपये की लागत से VB-GRAMG, वन प्रबंधन समिति और DMF मद के अभिसरण से कार्य स्वीकृत करने की मांग की गई। वहीं डोभा नाला रपटा सह सीसी रोड के लिए 15 लाख रुपये की मांग रखी गई। ग्राम पंचायत भवन ठेंही से दौड़-पंडरीपानी तक करीब 6 किलोमीटर पक्की सड़क निर्माण की स्वीकृति की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
प्रतिनिधिमंडल ने सामुदायिक वन संसाधन अधिकार के तहत गांव में सौर ऊर्जा प्लांट स्थापित करने तथा क्षेत्र में विकास कार्यों को टाइगर रिजर्व के नाम पर बाधित नहीं करने की मांग की। साथ ही PESA के तहत ग्राम सभा की सहमति के बिना किसी विभाग के गांव में प्रवेश नहीं करने की बात रखी गई।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि वन प्रबंधन समिति दौड़-पंडरीपानी के पास रपटा निर्माण के लिए स्वयं की करीब 20 लाख रुपये की राशि उपलब्ध है। प्रतिनिधिमंडल में जनपद सदस्य नगरी सिरधन सोम, नरेश मांझी, संत नेताम, तरुण कुमार मरकाम, मंगल सिंह नाग, देवराज ओटी, श्यामलाशय ध्रुवा, भानूराम पुजारी, फूलसिंह नेताम, पंचुराम ओटी, लीलांबर सेन सहित देव समिति बारहपाली मेचका एवं रिसगांव के सदस्य उपस्थित रहे।


